
चंपावत। उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति से जुड़ी प्रसिद्ध गोल्ज्यू महाराज यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चंपावत स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान के साथ किया जाएगा। यह यात्रा लगभग 21 दिनों तक विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर गुजरते हुए 9 मई 2026 को पुनः चंपावत में समापन होगी।
यह यात्रा अपनी धरोहर न्यास के तत्वावधान में श्री विजय भट्ट जी की देखरेख में आयोजित की जा रही है। विशेष बात यह है कि यह यात्रा हर वर्ष संचालित होती है और इस दौरान श्रद्धालु लगभग तीन हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हैं।
📍 यात्रा का प्रमुख कार्यक्रम
यात्रा के पहले दिन 20 अप्रैल को प्रातः 6 बजे चंपावत से प्रस्थान कर टनकपुर, बनबसा, खटीमा, किच्छा, रुद्रपुर होते हुए हरिद्वार पहुंचा जाएगा, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है।
इसके बाद यात्रा 21 अप्रैल को हरिद्वार से देहरादून, फुलेत होते हुए सुरकंडा देवी तक पहुंचेगी। आगामी दिनों में यात्रा उत्तरकाशी, सेममुखेम नागराजा, बूढ़ाकेदार, चंद्रबदनी माता, देवप्रयाग, श्रीनगर, धारीदेवी, जोशीमठ, बद्रीनाथ, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी।
🛕 प्रमुख पड़ाव और रात्रि विश्राम स्थल
यात्रा के दौरान हरिद्वार, सुरकंडा, उत्तरकाशी, मरवाड़ी, बेरनी, श्रीनगर, बद्रीनाथ, धूनी, कर्णप्रयाग, भटकुली, सतपुली, पिथौरागढ़, देवीधुरा आदि स्थानों पर रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
📅 अंतिम चरण
यात्रा के अंतिम चरण में 8 मई को हल्द्वानी, काठगोदाम, विनायक गोल्ज्यू, देवीधुरा होते हुए 9 मई को ढेरनाथ मंदिर, लोहाघाट के रास्ते पुनः चंपावत पहुंचकर यात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा।
🙏 श्रद्धालुओं में उत्साह
गोल्ज्यू महाराज के भक्तों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक यात्रा को सफल बनाने की अपील की है।
✍️ (सत्य संवाद 24×7 ब्यूरो रिपोर्ट) रुद्रपुर उत्तराखंड ।
